अष्टाक्षर मंत्र
ॐ नमो नारायणाय।
- अंग्रेज़ी में
- Om Namo Narayanaya
- ऐसे बोलें
- ॐ · नमो · नारा-यणाय
- कब जपें
- सुबह-शाम, एकादशी और गुरुवार को।
- अर्थ
- भगवान नारायण (विष्णु) को प्रणाम।
- स्रोत
- अष्टाक्षर मंत्र — वैष्णव परंपरा

रोज़ के मंत्र
जगत के पालनहार — शंख, चक्र, गदा और पद्म धारी।
यहाँ भगवान विष्णु के वे मंत्र हैं जो घरों में रोज़ जपे जाते हैं। हर मंत्र के साथ आसान उच्चारण, सरल अर्थ और जपने का समय दिया गया है। किसी भी मंत्र पर बटन दबाइए — दिव्यमाला की डिजिटल माला गिनती संभाल लेगी, आप बस मन से नाम लीजिए।
जाप शुरू करेंअष्टाक्षर मंत्र
ॐ नमो नारायणाय।
शान्ताकारं श्लोक
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
“ॐ नमो नारायणाय” — भगवान नारायण (विष्णु) को प्रणाम। इसे सुबह-शाम, एकादशी और गुरुवार को जपा जाता है।
108 मनकों की माला सबसे प्रचलित है, पर यह ज़रूरी नहीं। समय कम हो तो 11 या 21 बार भी श्रद्धा से जप सकते हैं। दिव्यमाला में 11, 21, 51, 108 या अपनी गिनती चुन सकते हैं।
हाँ। दिव्यमाला आपके फ़ोन को ही माला बना देती है — हर नाम पर एक टैप, और गिनती अपने आप। कोई अकाउंट या इंटरनेट ज़रूरी नहीं (पहली बार खोलने के बाद)।