माँ शीतला — Maa Shitala

रोज़ के मंत्र

माँ शीतला के मंत्र — अर्थ, उच्चारण और कब जपें

शीतलता की देवी — कलश, नीम और झाड़ू धारिणी।

यहाँ माँ शीतला के वे मंत्र हैं जो घरों में रोज़ जपे जाते हैं। हर मंत्र के साथ आसान उच्चारण, सरल अर्थ और जपने का समय दिया गया है। किसी भी मंत्र पर बटन दबाइए — दिव्यमाला की डिजिटल माला गिनती संभाल लेगी, आप बस मन से नाम लीजिए।

जाप शुरू करें

माँ शीतला के 1 रोज़ के मंत्र

जयकारा

जय शीतला माता।

अंग्रेज़ी में
Jay Shitala Mata
ऐसे बोलें
जय · शीतला · माता
कब जपें
शीतला अष्टमी (बसौड़ा) पर, सुबह की पूजा में।
अर्थ
शीतलता देने वाली माँ शीतला की जय।
स्रोत
प्रचलित जयकारा
“जय शीतला माता” का जाप शुरू करें

माँ शीतला का जाप कैसे करें

  1. शांत जगह चुनें। घर का मंदिर हो, कोई शांत कोना हो या यात्रा का पल — बस मन को कुछ क्षण ठहरने दें।
  2. मंत्र चुनें। “जय शीतला माता” सबसे सरल शुरुआत है। अपने घर या गुरु की परंपरा का मंत्र हो, तो वही जपें।
  3. गिनती तय करें। 11, 21, 51 या 108 — जितना समय हो, उतना। संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है श्रद्धा।
  4. हर नाम पर एक टैप। दिव्यमाला में बड़े बटन पर हर बार टैप करें। माला पूरी होते ही घंटी बजेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माँ शीतला का सबसे सरल मंत्र कौन-सा है?

“जय शीतला माता” — शीतलता देने वाली माँ शीतला की जय। इसे शीतला अष्टमी (बसौड़ा) पर, सुबह की पूजा में जपा जाता है।

माँ शीतला का मंत्र कितनी बार जपें?

108 मनकों की माला सबसे प्रचलित है, पर यह ज़रूरी नहीं। समय कम हो तो 11 या 21 बार भी श्रद्धा से जप सकते हैं। दिव्यमाला में 11, 21, 51, 108 या अपनी गिनती चुन सकते हैं।

क्या बिना माला के जाप कर सकते हैं?

हाँ। दिव्यमाला आपके फ़ोन को ही माला बना देती है — हर नाम पर एक टैप, और गिनती अपने आप। कोई अकाउंट या इंटरनेट ज़रूरी नहीं (पहली बार खोलने के बाद)।

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