जयकारा
जय माँ कामाख्या।
- अंग्रेज़ी में
- Jay Maa Kamakhya
- ऐसे बोलें
- जय · माँ · कामाख्या
- कब जपें
- सुबह-शाम, नवरात्रि और अंबुबाची मेले में।
- अर्थ
- माँ कामाख्या की जय।
- स्रोत
- प्रचलित जयकारा
रोज़ के मंत्र
नीलाचल पर्वत (गुवाहाटी) की शक्तिपीठ देवी।
यहाँ माँ कामाख्या के वे मंत्र हैं जो घरों में रोज़ जपे जाते हैं। हर मंत्र के साथ आसान उच्चारण, सरल अर्थ और जपने का समय दिया गया है। किसी भी मंत्र पर बटन दबाइए — दिव्यमाला की डिजिटल माला गिनती संभाल लेगी, आप बस मन से नाम लीजिए।
जाप शुरू करेंजयकारा
जय माँ कामाख्या।
“जय माँ कामाख्या” — माँ कामाख्या की जय। इसे सुबह-शाम, नवरात्रि और अंबुबाची मेले में जपा जाता है।
108 मनकों की माला सबसे प्रचलित है, पर यह ज़रूरी नहीं। समय कम हो तो 11 या 21 बार भी श्रद्धा से जप सकते हैं। दिव्यमाला में 11, 21, 51, 108 या अपनी गिनती चुन सकते हैं।
हाँ। दिव्यमाला आपके फ़ोन को ही माला बना देती है — हर नाम पर एक टैप, और गिनती अपने आप। कोई अकाउंट या इंटरनेट ज़रूरी नहीं (पहली बार खोलने के बाद)।